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महामाया माँ बाला सुंदरी मंदिर, सुधौवाला, देहरादून

महामाया माँ बाला सुंदरी मंदिर, सुधौवाला, देहरादून - Mata Bala Sundari Mandir, Sudhowala Dehradun

महामाया माता बाला सुंदरी

माता वैष्णो देवी के 'बाल रूप' को मां बाला सुंदरी कहा जाता है, महामाया माता बाला सुंदरी माता वैष्णो देवी की शिशु रूपी अवस्था हैं।

मां बाला सुंदरी के लोकप्रिय मंदिरों में से एक सुधोवाला, देहरादून में स्थित है। यह मंदिर हरे-भरे घने जंगलों के बीच विराजित है, जो की दक्षिण-पश्चिम दिशा में सुधोवाला, देहरादून से लगभग 3.5 किमी दूर पर स्थित है। मंदिर में अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां भी विराजित हैं जैसे भगवान शिव, हनुमान, श्री राधे-कृष्णा आदि!
मंदिर में मां बाला सुंदरी का वास्तविक पिंडी रूप छोटे पुराने मंदिर में है जहां भक्त अनादि काल से पूजा के लिए आते हैं।
माता बाला सुंदरी माँ वैष्णो देवी के तीन रूपों में से एक हैं, जिनमें अन्य दो मां ललिता देवी, और मां त्रिभविनी देवी हैं।

महामाया माँ बाला सुन्दरी चालीसा

जय जय बाला त्रिपुरा महाशक्ति जगदम्ब, जयति जय त्रिशक्ति शिवा महामाया नव रंग,
जय जय बालासुन्दरी माता।कृपा तुम्हारी मंगलदाता। ।
जगजननी जय जय अविकारी। ब्रह्मा हरि हर त्रिपुरधारी।।
सौम्यरूप धर बाल सुहाना।पूजत निशदिन सब द्रवनाना।।
हिमाचलगिरि तेरा मंदिर।धाम सुहावत श्रीत्रिलोकपुर।।
रामदास की बिपदा काटी।देवीबन की अद्भुत माटी।।
क्रय नमक करने जो जाता।सहारनपुर से जोडा नाता।।
धर्म- कर्म रामदास जी कीना। देवी बन मे आश्रय लीना।।
जब नगर सहारनपुर वो जाते। शाकुम्भर के दर्शन पाते।।
देव बन से बन पिंडी आई। धन्य धन्य त्रिलोक पुर माई।।
रामदास ने देखा स्वप्न।प्रफुल्लित हुआ उसका आंगन।।
भवन बना देवी माँ बोली।राम दास ने चिंता खोली।।
बिन धन कैसे भवन बनाउं । नाहन शासक को बतलाऊं।।
नाहन का शासक बड भागी। भवन बनावें मन मे जागी।।
तीन देवियाँ स्थान विराजे। बालासुंदरी बीच मे साजे।।
पूर्व शिवालिक ललिता भवानी। उत्तर मे सोहे त्रिभवानी।।
बालरूप तेरा बड़ा अनोखा।जगदंब जगदीश्वरी विशोका।।
देवी नैना रूप तेरो है। सुर्य सा महातेज धरो है।।
तू माँ ज्वाला चिंतपुरनी। मंशा चामुंडा माँ करणी।।
रूप शीताक्षी तूने धारा। अन्न -धान्य से सब जग तारा।।
नगरकोट की तू माँ महामाई, कालि मुंबा हिंगुला सुखदायी।।
रूप तेरे की शोभा अनुपम , निरखि निरखि त्व लोभे सब जन।।
चार भुजी माँ गौरवर्ण है, गगन शीश पाताल चरण है।।
पार्वती ने खेल रचाया, दस महाविद्या रूप बनाया।।
श्री विद्या जो माँ कहाती, वो देवी षोडस कहलाती।।
मात ललिता इन्हें ही कहते, त्रिपुरसुंदरी वंदन करते।।
ये देवी है बालासुंदरी, दस विद्या मे होती गिनती।।
कुमख्या का रूप है तेरा, षडानन स्वरूप है धारा।।
भवन तेरे सजे ग्राम नगर है, सुंदर शोभित मात अमर है।।
हस्तिपुर मे वास किया है, मुलाना निज धाम तेरा है।।
पेहोवा जो सुरसती संगम, रूप बाल धरती उस आंगन।।
सुंदर कठुआ धाम बिराजे, दर्शन पूजन संकट भागे।।
देव बन्द की तू महारानी । चौदस धारे रूप शिवानी।।
देव अजीत डेराके राजा। परहित करत सदा ही काजा।।
बाहणे पांव त्रिलोक पुर आये। पिंड रूप तेरा वो लाये।।
लाडवा मे भवन बनायो। चैत की चौदस मंगल छायो।।
धन्य- धन्य हे माँ महारानी। वंदना तेरी आठोयामी।।
श्री जलंधर पीठ मे सोहे। भवन तेरा माँ तन मन मोहे।।
जो नर भजते श्री चालीसा। पूरण काम करे गौरीशा।।
नीलसागडी गुणन को गावें। संकट सगरे मात मिटावे।।
अंधकार माँ दूर तू करती। सिद्ध साधक की झोली भरती।।
जय- जयति जगदम्बिका, जय श्री सौम्यस्वरूपा। अटल जगत की एक आधार सुमरे सुर- नर भूपा।
Mata Bala Sundari Mandir, Sudhowala Dehradun

माता बाला सुंदरी


नवरात्रि जागरण

नवरात्रि के दौरान हर वर्ष मां बाला सुंदरी सेवा समिति , सुधोवाला द्वारा एक विशाल समारोह आयोजित किया जाता है, इस उपलक्ष में मां के भक्त यहां कीर्तन, जागरण, मां की उपासना वा भंडारे का आयोजन करते हैं। त्यौहार के दौरान माता बाला सुंदरी ट्रस्ट के द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें नजदीक स्थित डॉलफिन संस्थान, देहरादून के छात्र-छात्राए विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं, और साथ ही अलग-अलग गतविधियों में सहयोग करते हैं।


मां बाला सुंदरी मंदिर समय

  • मां बाला सुंदरी मंदिर रोजाना सुबह जल्दी खुलता है और देर शाम को बंद हो जाता है।
  • मां बाला सुंदरी के दर्शन और आशीर्वाद पाने के लिए आप किसी भी समय वहां जा सकते हैं।

 


माँ बाला सुंदरी मंदिर जाने का सबसे अच्छा समय

  • नवरात्रि और मंदिर का वार्षिक समारोह, मंदिर की सुंदरता को देखने और माँ का आशीर्वाद पाने का सबसे अच्छा समय होगा।
  • ऋतुओं के अनुसार मार्च और अप्रैल के महीने सबसे अच्छे समय होते हैं।

 


अन्य आयोजन

  • प्रत्येक रविवार मां के भक्तों द्वारा भंडारा आयोजित किया जाता है।
  • प्रत्येक माह अखण्ड रामायण का पाठ आयोजित किया जाता है।
  • प्रत्येक पूर्णमासी को सत्य नारायण कथा का आयोजन किया जाता है।
  • एकादशी को खाटूश्याम का भजन कीर्तन किया जाता है।

 


महामाया मां बाला सुंदरी मंदिर कैसे पहुंचें

देहरादून उत्तराखंड की राजधानी है इसलिए रेलवे, बस और हवाई जहाज से देहरादून पहुंचना बहुत आसान है। मां बाला सुंदरी मंदिर देहरादून के सुधोवाला में स्थित है जो देहरादून बस स्टैंड आईएसबीटी और रेलवे स्टेशन से लगभग 11 से 12 किमी दूर है। आप अपनी पसंद के अनुसार निजी ऑटो, टैक्सी या कैब से वहां जा सकते हैं। सुधोवाला से माता बाला सुंदरी मंदिर लगभग 3 km दूरी पर स्थित है

 

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