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हल्द्वानी(Haldwani) - हल्दू वाणी (Haldhuvani) - Haldu - कुमाऊं का प्रवेश द्वार(Gateway of Kumaon) - कुमाऊं का व्यापारिक नगर(मंडी) - काठगोदाम(Kathgodam)

  • हल्द्वानी को कुमाऊं की व्यापारी मंडी - हल्दू वाणी (Haldhuvani) - कुमाऊं का प्रवेश द्वार(Gateway of Kumaon) - कुमाऊं का व्यापारिक नगर भी कहा जाता है। 

  • हल्दू के वृक्षों से आच्छादित इस स्थान का 15वीं शताब्दी तक हल्दूवणी नाम था। यद्यपि आज हल्दू के वृक्ष यदा-कदा ही दिखाई देते हैं।

  • गोरखाणी (गोरखों का निरंकुश शासन) की समाप्ति पर सन् 1815 में अंग्रेज प्रशासक गार्डनर तथा 1834 में जार्ज विलियम ट्रेल ने हल्दवणी में एक मंडी की स्थापना की, तभी से हल्द्वानी का नगरीय स्वरूप विकसित होने लगा।

  • सन् 1856 में कुमाऊँ के कमिश्नर हैनरी रैमजे ने गौला नदी के जल से आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया।

  • 1883-84 में बरेली से हल्द्वानी होकर काठगोदाम तक रेलवे लाइन बिछाई गई थी।

 

दिशा (Location) -  29-13' उत्तरी अक्षांश तथा 79-32' पूर्वी देशांतर पर स्थित यह नगर समुद्रतल से 360 मीटर की ऊँचाई पर गौला नदी के दायें तट पर भाभर बेल्ट के मध्यस्थल में स्थित है।

हल्द्वानी(Haldwani) - हल्दू वाणी (Haldhuvani) - कुमाऊं का प्रवेश द्वार
Haldwani is the third most populous city in Uttarakhand was founded in 1834 and is also known as the "Gateway of Kumaon". In Kumaoni, the local dialect, the place is called "Halduvani", literally "forest (vana) of Haldu", after the tree named "Haldu", often referred to as "Kadamb" (Haldina cordifolia), which was found in abundance before deforestation for agriculture and settlement.

कुमाऊं का व्यापारिक नगर

  • यहाँ पर लगभग 400 लघु औद्योगिक इकाइयों तथा अनेक प्रतिष्ठानों के अतिरिक्त स्नातकोत्तर कालेज, डा. सुशीला तिवारी फारेस्ट अस्पताल व मेडिकल कालेज तथा प्रौद्योगिकी शिक्षण संस्थान हैं।

  • सन् 1885 में यहाँ टाउन एरिया कमेटी बनी तथा 1897 में नगरपालिका का गठन हुआ। 1942 में हल्द्वानी-काठगोदाम नगरपालिका परिषद की स्थापना हुई और दिसंबर 1966 में इसे प्रथम श्रेणी की नगरपालिका घोषित किया गया।

  • 2001 की जनगणना के अनुसार इस नगर की जनसंख्या (काठगोदाम सहित) 1,59,020 है।

  • देहरादून की नगर पालिका परिषद, नगर निगम में उच्चीकृत होने के पश्चात यहाँ की नगरपालिका परिषद, हरिद्वार की परिषद के बाद प्रदेश में दूसरे नंबर पर है।

  • हल्द्वानी की दूरी नैनीताल से 43 किलोमीटर तथा रुद्रपुर से 28 किलोमीटर है।

 

(Gateway of Kumaon) - कुमाऊं का व्यापारी नगर(मंडी) - काठगोदाम(Kathgodam)

Most of the tourists who came to visit Kumaun have to come through Haldwani - Kathgodam

काठगोदाम (Kathgodam)

हल्द्वानी से काठगोदाम 8 किलोमीटर दूरी पर स्थित है, जिसकी प्रशासनिक व्यवस्था हल्द्वानी नगर पालिका के अधीन है। पन्तनगर से वायुयान की सुविधा भी उपलब्ध है।
काठगोदाम पूर्वोत्तर रेलवे का प्रमुख तथा पश्चिमी अंचल का अतिम स्टेशन है, जो स्वच्छता और व्यवस्था की दृष्टि से अनन्य माना जाता है। नि:संदेह यह कुमाऊँ का प्रवेशद्वार है, क्योंकि कुमाऊँ के सभी सामान्य एवं पर्यटक स्थलों को यही स्टेशन देश के अन्य भागों से जोड़ता है। यहाँ रेल सन 1984 में पहुंची थी। राज्य स्थापना के बाद नैनीताल उच्च न्यायालय की स्थापना हो जाने पर राज्य की वर्तमान राजधानी देहरादून से काठगोदाम को सीधे रेलसेवा से जोड़ दिया गया है। काठगोदाम के निकट रानीबाग
और चित्रशिला ऐतिहासिक-सांस्कृतिक समन्वय के प्रतीक महत्त्वपूर्ण दर्शनीय स्थल हैं। जियागनी का मेला यहीं लगता है।